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युएस ईसलामिक विश्व गोष्ठी समाप्त हुआ। |
सोमवार 18 फरवरी 2008 को युएस इसलामिक गोष्ठी का आखरी सत्र समाप्त
हुआ साथ में सुरक्षा अंतरिक विश्वास चर्चा र्धम और राजनिती अधिकार के
विषय पर चर्चा हुआ मुसलिम राष्ट्र के साथ विकल्प प्राप्य है सवत्नंता
के अनुकुलनिय रुप को ग्रहण करना साथ में ईराख पालेसतिन अफगानिसतान और
पाकिसतान के स्थिति को समीक्षा करना साथ हि साथ इस स्थिती का असर
क्षेत्रिय और अंताराष्ट्रिय राजनेतिक पर पडेगा।
हिस्सेदार ने इस विषय पर भि चर्चा किया सम्पूर्ण और नरम अधिकार का
प्रयोग करना दृढ़ता से कहना कि मिलेटरी कार्य कूटनीतिज्ञ प्रयत्न को
नही बदल सकता।
प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एच ई शेख हमाद बिन जासम बिन जाबुर अल
थानी ने शनिवार रात 16 फरवरी 2008 को रिटज कारलटोन होटल में युएस
ईसलामिक विश्व गोष्ठी किया। उद्धाटन समारोह में महामहिम के मिशन के ऊँच
अधिकारीजो कत्तर राज्य में इस गोष्ठी के मेहमान हैं।
एच ई शेख हमाद बिन जासम बिन जाबुर अल थानी इस गोष्ठी में भाषन देते हुए
इस गोष्ठी में भाग लेने वाले का स्वागत किया। मैं प्रस्न्न हूँ इस
गोष्ठी के कार्यवाही का उद्दाटन से जो कि दोहा में पाचँवीं बार आयोजित
हुआ और इसमें उत्कृष्ट श्रोतागण उपस्तिथ हुए जो कि संतोष का स्रोत है।
इसमे कोई शक नही कि इसलामिक विश्व और युनाईटेड राज्य के बिच सकारात्मक
पहलू के संबंध हैं। हम लोग अभी भी गम्भीर और सफल प्रबंध को नही पा रहे
हैं।
इसलामिक विश्व चुनौतीयों का सामना डट कर कर रहा है।हम लोग अपना अंतिम
कार्य नही करेगे तो हमलोग पार्टी को उत्तर प्रदान करें।
इस मंच में क्षेत्र के मुद्दों के दर्शनों और दृष्टिकोण के चर्चे हुए
थे। इसके अलावा सितम्बर 11 के पाँच सालों के बाद नेताओं के तत्पर
विषयों, इस्लामी विश्व और यूएस के रिश्ते, विश्तृत मध्यपूर्व देश के
योजना और पाँच साल के बाद क्षेत्र के स्थिति आदी विषयों के बारें में
विचार विमर्श की है।
इस मंच में क्षेत्र के सुरक्षा के विषयों को चर्चा करने के लिए निपुण
सुरक्षा बल उपस्थित थे। इसके अलावा युवक और विकास और प्रशासन और सुधराव
के बारें में चर्चे हुई। परिवर्तन में महिलाओं के नतृत्व, विश्वकरण के
युग में राजनैति, धर्म और परिवर्तनों के बारें में गोलमेज़ सम्मेलन
हुई।
पीछले साल में हुई मंच में क्षेत्र के स्थित और पाँच वर्ष के बाद
क्षेत्र के स्थित के दृष्टिकोन के बारें में चर्चा हुए थे। कत्तर के
प्रथम उपप्रधान मंत्रि ने कहा कि इस विषय के दुर्बल और पराजयों आगर
सच्चा और कठिन प्रयत्न नही करेगा तो वैसे ही रहेगा।
सभ्यताओं के टक्कर तत्व को माननीय उपप्रधान मंत्रि एवम विदेख कार्य
मंत्रि शेख हमद बिन जासेम बिन जाबर् अल थानी ने अस्वीकार करते हुए कहा
कि उस तत्व के निर्दिष्ट राजनीतिक कार्यक्रम के भाग है। उन्होंने कहा
कि सभ्यताओं के आपसी संवाद बहत जंरूरी है।
माननीय प्रथम उपप्रधान मंत्रि ने पिछले मंच में उठाए इस्लामी जगत और
अमेरिका के बारें में किए सवालों को पुनरअवलोकन करते हुए कहा कि आपसी
जानकारी, सच्चा संवोदों और सलाहों के नीति से इस विषय में कुछ हल हो
सकते है।
अपने प्रभाण में माननीय प्रथम उप प्रधान मंत्रि एवम विदेशकार्य मंत्रि
ने कहा कि इस क्षेत्र में पिछले साल संघर्ष काफी बढ चुके थे। उन्होंने
कहा कि इस के अलावा नया संघर्ष भी पैदा हुआ और जो पहले से चल रहे
संघर्षों के व्याप्ति भी बढ च,की।
सभ्यताओं के टक्कर के तत्व के खिलाफ हुई विमर्शनों को जिक्र करते हुए
माननीय प्रथम उपप्रधान मंत्रि ने कहा कि विमर्शकों के कहना है किपश्चिम
के आधुनिक सभ्यताओं के लिए इस्लामी सभ्यता बहुक खतरनाक है।
माननीय शेख हमद बिन जासेम बिन जाबर् अल थानी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय
समूह शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्राधान्य के बारें में जानकारी है।
उन्होंने कहा कि विश्व के राष्ट्रों और समाजों को इस जानकारी जवाब दे
सकते है।
पिछले वर्ष के मंच में इस्लामी जगत और अमेरिका के आपसी रिश्ते प्रबल
करने के लिए पूछे संक्रियता के बारें में जिकर करते हुए माननीय
उपप्रधान मंत्रि ने कहा कि एसे रिश्ते संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्र,
अंतर्राष्ट्रीय नियम, मानव अवकाश के बारें में हुई अंतर्राष्ट्रीय और
अन्य मानव अवकाश सम्मेलनों को घोषणा जिसमें राजनीतिक, संस्कृतिक,
धार्मिक, सामाजिक और अल्पव्यायिक अवकाशों को बारें में हुई सम्मेलनों
के घोषणाओं पर आधार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अनेकत्व और आपसी सम्मान को तत्वों पर आधार
अंतर्राष्ट्रीय रिश्ते होना चाहिए। माननीय उपप्रधान मंत्रि ने कहा कि
इस तरह शक्ति के नहीं बल्कि नियमों के आधिपत्य प्रचलित होना है।
अमेरिका और इस्लामी जगत के आपसी रिश्ते के बारें में उन्होंने कहा कि
यथार्थता को स्वीकार करने के लिए इस विषय के बारें में इस्लामी जगत के
सार्वजनिक राय को स्वीकार करना है। माननीय शेख हमद बिन जासम बिन जाबर्
अल थानी ने कहा कि मध्यपूर्व देश और फलस्तीन के मामलाओं के हल होना
ज़रूरी है।
इस रिश्ते को सुगम करने के लिए माननीय उपप्रधान मंत्रि ने कहा कि सबसे
प्रधान ललकार फलस्तीन मुद्दे है। इस मामला दोनों पक्षों के आपसी रिश्ते
को अविश्वास के रूप देते है। इसके अलाावा इराक के संघर्ष अरब जगत के
लिए एक धमकी पैदा किया है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी और इस्लामी समाजों के आपसी परिचय के लिए
अभिज्ञता कार्यक्रमों संघित करना है। उन्होंने कहा कि इससे आपसी सम्मान
हो जाएंगे।
कत्तर राज्य के प्रथम उपप्रधान मंत्रि एवम विदेख कार्य मंत्रि माननीय
शेख हमद बिन जासेम बिन जाबर् अल थानी ने कहा कि प्रत्येक समाजों के
वैशिष्टको ध्यान में लेते हुए राजनीतिक सुधराव और लोकतंत्र परिपालन
करने के नीती को लागू करना है। उन्होंने कहा कि व्यक्तियों को कानून के
निमों के अनुसार उनके कार्य को प्रशासनिक तौर पर हिस्सदार बनने के मौका
मिलना चाहिए।
माननीय शेख हमद बिन जासेम बिन जाबर अल थानी ने कहा कि सिर्फ राजनीतिक
सुधराव काफी नहा है बल्कि साथ साथ सच्चा अल्पव्यायिक विकास भी होना
ज़रूरी है।
उन्होंने कहा कि गरीबी और बेरोजगारी के बढावा अन्याय और नैराश्य पैदा
करते है और इस विचार संघर्ष को जनम देते है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र के विकास बहुत ज़रूरी है जो समाज को
स्वीर भी होने के लायक हो।
माननीय उपप्रधान मंत्रि ने कहा कि राज्य के युवकों भविष्य के परंपरा है
और उनके मामलाओं को सुलझना चाहिए।
अरब लीग के महा सचीव आमर मूसा ने इस मंच में प्रभाषण किया। उन्होंने
कहा कि इसमंच के मेज़बानी करने रक दोहा एक अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय
केंद्र बन गया है।
अमेरिकी और इस्लामी जगत के रिश्ते संबंधी कई विषयों को बारें में
उव्होंने प्रभाषण किया।
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